खूबसूरत वादियां बस खूबसूरत ही होती हैं,
वो भी बहुत ग़मगीन होती हैं,
रिश्तों की नजाकत को ऐसे समझा करो,
हर नजर अँधेरे में रोती है.
परमीत सिंह धुरंधर
खूबसूरत वादियां बस खूबसूरत ही होती हैं,
वो भी बहुत ग़मगीन होती हैं,
रिश्तों की नजाकत को ऐसे समझा करो,
हर नजर अँधेरे में रोती है.
परमीत सिंह धुरंधर