अब तो उतरो महादेव


पल – पल में अधूरापन
पल – पल में निराशा है.
अब तो महादेव आपका
ही बस सहारा है.

समस्त ब्रह्माण्ड को जितने वाले
रघुकुल पे भी दुर्भाग्य का साया है.
अब तो उतरो महादेव
भगीरथ ने पुकारा है.

प्रचंड गंगा के समक्ष
विष्णु, ब्रह्मा, समस्त जग हारा है.
अब तो महादेव आपका
ही बस सहारा है.

अब तो महादेव आपका
ही बस सहारा है.
अब तो उतरो महादेव
भगीरथ ने पुकारा है.

परमीत सिंह धुरंधर

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