जन्नत में ७२ हूरों के साथ


वो हमको बारूद, उनको संदूक दे गए
जन्नत में ७२ हूरों के साथ के लिए
मासूमों के हाथों में बन्दूक दे गए.

कहते हैं की वहाँ जवानी ढलती नहीं
और हूर बाहों से दूर छिटकती नहीं।
उस परुषार्थ-विहीन, माँ के दूध रहित
जवानी के लिए, माँ की गोद सुनी कर गए.

परमीत सिंह धुरंधर

3 thoughts on “जन्नत में ७२ हूरों के साथ

Leave a reply to Nimish Cancel reply