तुम शहर की धुप में लगती बड़ी प्यारी हो
तुम प्रिये अब भी हमारी चिंतन की कटारी हो.
लट तुम्हारी बूंदों में, बूंदें तुम्हारी लट पे
प्यास हमारी बिना मिटाये, दुप्पटे को भिंगो रही हो.
RSD
तुम शहर की धुप में लगती बड़ी प्यारी हो
तुम प्रिये अब भी हमारी चिंतन की कटारी हो.
लट तुम्हारी बूंदों में, बूंदें तुम्हारी लट पे
प्यास हमारी बिना मिटाये, दुप्पटे को भिंगो रही हो.
RSD
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Thanks a lot Garima jee
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