भोलेनाथ


वक्त के समंदर का अब मुझे सिकंदर नहीं बनना
लहरों का किनारा भी मुझे अब नहीं बनना।
मुझे बस अपने प्रभु के चरण मिल जाए
भोले, मुझे बस आप के चरणों का धूल है बनाना।

RSD

Leave a comment