भोलेनाथ मेरे नाथ


भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ,
मधुर बहुत है, पिता, आपका लगता मुझको नाम।
कानों में अमृत घुल जाए, हों स्वप्न सब साकार,
जब दिख जाते हो मुझको, भोले, झूमते नंदी पे सवार।

भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ, मेरे नाथ,
और क्या माँगे, भोले, जब बैठे ही हैं तेरे द्वार?
एक बार चखा दो, पिता, अपने हाथों से बस भांग।
जीवन हो जाए पूर्ण, पिता, जो तुम पिला दो भांग।

भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ, मेरे भोलेनाथ, मेरे नाथ,
क्या है अमृत और क्या है विष, जो तेरी गोद में खेला।
मन तो माँगे बस, हाँ भोले, डम-डम डमरू,
और तुम्हारे हाथों से, भोले, बस थोड़ी-सी भांग।

RSD

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