हे प्रभु गणेश


हे प्रभु गणेश,
ज्ञान दो,
विज्ञान दो,
इन हाथों को,
कल्याण दो.
उद्धार हो मेरा,
प्रयास हो मेरा,
सफल सदा,
धुरंधर सिंह को,
ये वरदान दो.
हे प्रभु गणेश,
ये वरदान दो.

गुरु – गजानन


अगर गुरु जी आप ना होते,
तो, पूरब से पश्चिम,
उत्तर से दक्क्षिण तक,
हम भटकते।
दुनिया की ठोकरों,
से झुलसते, और
कुण्ठाग्रसित हो कर,
हम धधकते।
आशा के विपरीत है,
धुरंधर सिंह का जीवन,
मगर हर सफलता के,
आप ही हो गजानन।